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World Radiology Day 2021 : इसलिए विश्व रेडियोग्राफी दिवस मनाया जाता है

world radiology day आज यानि 8 नवंबर को मनाया जा रहा है।  उसी दिन 1895, 8 नवंबर को जर्मनी के वारबर्ग कॉलेज में भौतिकी के प्रोफेसर जेविलहैम कॉनराड रोटजंज ने एक्स-रे, एक्स-रे की खोज पूरी की।  इसलिए पूरी दुनिया में रेडियोग्राफर इस दिन को पूरी दुनिया में एक्स-रेडिएशन की खोज की सालगिरह के रूप में मनाते हैं।  इस खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं इस आविष्कार के बारे में कुछ खास बातें..

World Radiology Day 2021 : इसलिए विश्व रेडियोग्राफी दिवस मनाया जाता है
World Radiology Day 2021 : इसलिए विश्व रेडियोग्राफी दिवस मनाया जाता है


बदलते समय के साथ मरीज के लिए आधुनिक रेडियोग्राफी किसी संजीवनी से कम नहीं है।  पहले जब एक्स-रे का प्रचलन शुरू हुआ था, तो कई जटिलताएँ थीं।  इससे रेडियोग्राफर और मरीज को भी गुजरना पड़ा, लेकिन आधुनिक रेडियोलॉजी में क्रांतिकारी बदलावों ने चिकित्सा प्रक्रिया को आसान बना दिया है।  इसलिए पहले मरीज की बीमारी का ठीक से पता नहीं चल पाता था।  मरीज को कोई बीमारी हो जाती थी और उसका इलाज कुछ और होता रहता था।  इस वजह से ज्यादातर मरीज कम उम्र में ही समय की घास बन गए।

इतना ही नहीं, विश्व रेडियोग्राफी दिवस पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सबसे पुराने और वरिष्ठ रेडियोग्राफर राजिंद्र वर्मा ने कहा है कि पुराना रेडियोलॉजी पूरी तरह से अंधा था।  उसे एक अंधेरे कमरे की जरूरत थी।  अंधेरे कमरे में एक्स-रे विकसित करना पड़ा।  एक्स-रे ठीक नहीं हुआ तो मरीज को दोबारा बुलाकर एक्स-रे कराना पड़ा।  इसमें रोगी को अधिक समय लगा और रोग का पता बहुत देर से लगा।  अब कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम आ गया है।  इसे सीआरएस कंप्यूटर रेडियोलॉजी सिस्टम कहा जाता है।  यह दस और 15 वर्षों में विकसित हुआ है।  इससे कंप्यूटर में ही एक्स-रे हो जाते हैं और अँधेरा कमरा सदमे से बाहर हो गया है।  कंप्यूटर के बाद डीआरएस डिजीटल रेडियोग्राफी सिस्टम है।  इसमें एक साथ तस्वीरें शामिल हैं।  यह प्रक्रिया दोहराने के अर्थ को समाप्त कर रही है।  एक दिन पहले जो रिपोर्ट आती थी, उसकी रिपोर्ट साथ-साथ मिल रही है।