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अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस से आप सीख सकते हैं 10 बेहतरीन सबक: भारत में बोली जाती है 270 मातृभाषाए

किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके मात्रिभाषा से होती है, मातृभाषा का मूल अर्थ जो व्यक्ति जन्म लेता है और उसके द्वारा जो पहली भाषा बोली जाती है उसे उसकी मातृभाषा कहते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

Mother Language Day: हेलो दोस्तो नमस्कार, आप सभी को आज का मूल उद्देश्य हमारा रहेगा इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे (International Mother Language Day) मे एक भारत वासी हो और यह बताते हुए मुजे गर्व महसूस होता हे की पूरे भारत में जनगणना के मुताबिक भारत में बोली जाती हे 270 मातृभाषाए। मातृभाषा के बारे में हम चर्चा तो कर रहे हैं पर मन में बहुत सारे सवाल 💭  आ रहे हैं जैसे कि 👇

1. भारत की मातृभाषा क्या है?

उतर: भारत की मातृभाषा हिंदी हे।

2. मातृभाषा का महत्व क्या है?

उतर: मात्री भाषा का मूल महत्व यह है कि मात्री भाषा में राष्ट्रीयता के बंधन में बांध कर रखती है, मतलब एकत्रित करके रखती है। मात्रिभाषा मनुष्य की चेतना के साथ-साथ लोक चेतना और मानवता के विकास का भी अभिलेखागार होती है।

3. मात्री भाषा का मूल उद्देश्य क्या है?

उतर: मेरा पहचान मेरा मातृभाषा है, और मात्री भाषा ही एक ऐसी चीज है जो हमें राष्ट्रीयता से जोड़ी रखती है। जन्म लेने के बाद मनुष्य प्रथम भाषा सीखता है उसे उसकी मातृभाषा कहते हैं।

4. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस क्यों मनाया जाता है?

उतर: अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस इसलिये माना जाता है दुनिया भर के भाषा और संस्कृति का सम्मान हो। दुनिया भर मे भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का पहचान प्रचार और प्रसार करना है, और दुनिया में विभिन्न मात्री भाषाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस से आप सीख सकते हैं 10 बेहतरीन सबक


बहुभाषी विविधता को पहचानने और बढ़ावा देने के लिए हर साल 21 फरवरी को इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे (International Mother Language Day) मनाया जाता है। 1999 इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे मनाने की विचार को मंजूरी मिली थी, और यह दिन साल 2000 से दुनिया भर में मनाया जा रहा है।

1. साल 2011 में भारत सरकार की मदद से की गई जनगणना के अनुसार भारत में कुल 211 भाषाएं और 270 में मातृभाषाए बोली जाती है।

2. भाषाओ की श्रेणी मैं कुल 130 भाषाएं हैं और 127 मात्रिभाषा को गैर अनुसूचित भाषाओं के अंतर्गत वर्गीकृत किया है।

3. इंटरनेशनल मात्रिभाषा दिवस सार्वजनिक जीवन में मातृभाषा कि विकास के प्रतिबद्धता दिखाने की दिशा में एक कदम है।

4. संविधान की आठवीं अनुसूची के तहत भाषाएं हैं असामिस, बेंगली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरि, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ऑडिया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगू, उर्दू , बोडो, संथाली, मैथिली, और डोगरी।

5. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि 2022 की समारोह के विषय बहुभाषी शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का उपाय चुनौतियां और अवसर होगा।

6. संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट रूप से यह कहा है मात्रिभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा में इसका महाभा की बढ़ती समाज विशेष रूप से प्रारंभिक स्कूल शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में इसके विकास के प्रति अधिक प्रतिबद्धता के साथ कुछ प्रगति की जा रही है।

7. हम सभी भाषाओं से प्रेम करते हैं, और करते रहेंगे आज अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! आप सभी को और मातृभाषा के लिए बहादुरी से लड़ने वाले सभी शहीदों को सलाम।

8. आज श्रद्धांजलि उन शहीदों के नाम जिन्होंने अपनी भाषाओं की रक्षा और अपने अधिकारों को बनाए रखने के लिए संघर्ष किया।

9. प्रौद्योगिकी बहुभाषी शिक्षा के उद्देश्य को बहुत आगे बढ़ा सकती है, और एक समबेसी शिक्षा अनुभव ला सकती है।

10. हमारी मातृभाषा में संवाद करना हम सभी के लिए गर्व का विषय होना चाहिए।

QnA

1. 2022 में इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे कब है?

उतर: 2022 में इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे 21 फरवरी को है।

2. 2023 में इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे कब है?

उतर: 2023 में इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे 21 फरवरी को है।

3. हमें इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे मनाने की क्या आवश्यकता है?

उतर: हमें इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे मनाने की आवश्यकता है क्यू कि अपनी भाषा और संस्कृतियों को बढ़ावा देने के लिए।

4. 2022 और 2023 में इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे किस तरह से मनाएं?

उतर: आप अपने दोस्तों परिवारों को या अपने स्कूल कॉलेज में इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे विषय पर चर्चा करें करें और इंटरनेट पर इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे के बारे में दुनिया को अपने विचार प्रकट कर सकते हैं इस तरह से 2022 और 2023 में इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे मनाएं।

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